श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.14.41 
हतो हंस इति प्रोक्तमथ केनापि भारत।
तच्छ्रुत्वा डिम्भको राजन् यमुनाम्भस्यमज्जत॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
भरत! यह देखकर एक सैनिक चिल्लाया, "हंस मर गया।" हे राजन! उसकी बात सुनते ही वह अपने भाई को मरा हुआ समझकर यमुना में कूद पड़ा।
 
Bhaarat! Seeing this a soldier shouted, "The swan is dead." O King! As soon as the larva heard his words, thinking that his brother was dead, he jumped into the Yamuna. 41.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)