श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.14.39 
न हि केवलमस्माकं यावन्तोऽन्ये च पार्थिवा:।
तथैव तेषामासीच्च बुद्धिर्बुद्धिमतां वर॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे बुद्धिमान राजाओं में श्रेष्ठ! यह केवल मेरा ही मत नहीं है, अपितु इस देश के अन्य सभी राजाओं का भी यही मत है।
 
O best among wise kings! This is not only my opinion, all the other kings of the land too have the same opinion. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)