Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.14.10-11h: महाराज! वह अपनी राजनीतिक युक्तियों से सम्राट बन बैठा है। हे राजन! कहते हैं कि महाबली राजा शिशुपाल हर प्रकार से उसका सहयोग लेकर जरासंध का प्रधान सेनापति बन बैठा है।   |   mahabharat अध्याय 2.14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  2.14.10-11h 
स साम्राज्यं महाराज प्राप्तो भवति योगत:।
तं स राजा जरासंधं संश्रित्य किल सर्वश:॥ १०॥
राजन् सेनापतिर्जात: शिशुपाल: प्रतापवान्।
 
 
अनुवाद
महाराज! वह अपनी राजनीतिक युक्तियों से सम्राट बन बैठा है। हे राजन! कहते हैं कि महाबली राजा शिशुपाल हर प्रकार से उसका सहयोग लेकर जरासंध का प्रधान सेनापति बन बैठा है।
 
Maharaj! He has become the emperor by his political tactics. O King! It is said that the mighty king Shishupal has become Jarasandha's chief commander by taking his support in every way. 10 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)