तं राजसूयं सुहृद: कार्यमाहु: समेत्य मे।
तत्र मे निश्चिततमं तव कृष्ण गिरा भवेत्॥ ४८॥
अनुवाद
मेरे सभी मित्र मिलकर मुझसे वही राजसूय यज्ञ करने को कहते हैं; परंतु इस विषय में अंतिम निर्णय आपकी सलाह से ही होगा ॥48॥
All my friends come together and ask me to perform the same Rajasuya Yagya; But the final decision regarding this will be taken only by your advice. 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)