Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.13.22: 'कुरुनन्दन! आप सम्राट के गुणों को प्राप्त करने के सर्वथा योग्य हैं; अतः आपके शुभचिंतक मानते हैं कि आपको राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करने का यह उपयुक्त अवसर प्राप्त हुआ है। 22॥ | mahabharat अध्याय 2.13: युधिष्ठिरका राजसूयविषयक संकल्प और उसके विषयमें भाइयों, मन्त्रियों, मुनियों तथा श्रीकृष्णसे सलाह लेना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'कुरुनन्दन! आप सम्राट के गुणों को प्राप्त करने के सर्वथा योग्य हैं; अतः आपके शुभचिंतक मानते हैं कि आपको राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करने का यह उपयुक्त अवसर प्राप्त हुआ है। 22॥
'Kurunandan! You are absolutely worthy of attaining the qualities of an emperor; Therefore, your well-wishers believe that you have got this opportune moment to perform the ritual of Rajasuya Yagya. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥