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श्लोक 2.12.14  |
तस्य सर्वे महीपाला धनान्याजह्रुराज्ञया।
द्विजानां परिवेष्टारस्तस्मिन् यज्ञे च तेऽभवन्॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| राजा की आज्ञा से सभी राजा दान स्वरूप धन लेकर आये तथा उस यज्ञ में ब्राह्मणों को भोजन भी कराया। |
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| By the King's order all the kings brought money as gifts and also served food to the brahmins in that yajna. |
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