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mahabharat 2.12.13: महाराज! पर्वतों और वनों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करके राजा हरिश्चंद्र ने राजसूय नामक महान यज्ञ किया॥13॥   |   mahabharat अध्याय 2.12: राजा हरिश्चन्द्रका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके प्रति राजा पाण्डुका संदेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.12.13 
स निर्जित्य महीं कृत्स्नां सशैलवनकाननाम्।
आजहार महाराज राजसूयं महाक्रतुम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! पर्वतों और वनों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करके राजा हरिश्चंद्र ने राजसूय नामक महान यज्ञ किया॥13॥
 
Maharaj! After conquering the entire earth including mountains and forests, King Harishchandra performed a great yagya called Rajasuya. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)