हे भारत! मैंने प्राचीन काल से ही स्वर्ग में ये सब सभाएँ देखी हैं। मनुष्य लोक में तुम्हारी यह सभा सर्वश्रेष्ठ है।॥62॥
O Bharata! I have seen all these assemblies in the heavens since ancient times. In the human world, this assembly of yours is the best. ॥ 62॥
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि लोकपालसभाख्यानपर्वणि ब्रह्मसभावर्णनं नामैकादशोऽध्याय:॥ ११॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत लोकपालसभाख्यानपर्वमें ब्रह्मसभा-वर्णन नामक ग्यारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)