Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.11.2-3: राजन! पहले सत्ययुग की कथा है, ब्रह्माजी का मिलन देखकर, फिर मनुष्य लोक देखने के लिए, वे बिना किसी प्रयास के ही स्वर्गलोक से इस लोक में उतर आए और मनुष्य रूप में इधर-उधर विचरण करने लगे। पाण्डुनन्दन! सूर्यदेव ने उस ब्राह्मी मिलन का मुझसे यथार्थ वर्णन किया। 2-3॥ | mahabharat अध्याय 2.11: ब्रह्माजीकी सभाका वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरा देवयुगे राजन्नादित्यो भगवान् दिव:।
आगच्छन्मानुषं लोकं दिदृक्षुर्विगतक्लम:॥ २॥
चरन् मानुषरूपेण सभां दृष्ट्वा स्वयम्भुव:।
स तामकथयन्मह्यं ब्राह्मीं तत्त्वेन पाण्डव॥ ३॥
अनुवाद
राजन! पहले सत्ययुग की कथा है, ब्रह्माजी का मिलन देखकर, फिर मनुष्य लोक देखने के लिए, वे बिना किसी प्रयास के ही स्वर्गलोक से इस लोक में उतर आए और मनुष्य रूप में इधर-उधर विचरण करने लगे। पाण्डुनन्दन! सूर्यदेव ने उस ब्राह्मी मिलन का मुझसे यथार्थ वर्णन किया। 2-3॥
Rajan! Earlier it was the story of Satyayuga, after seeing the meeting of Lord Brahma, then to see the human world, without any effort, he came down from the heavenly world to this world and started wandering here and there in human form. Pandunandan! Suryadev described that Brahmi meeting to me accurately. 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥