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mahabharat 2.11.10: तत्पश्चात् जब मेरी तपस्या पूर्ण हो गई, तब निष्पाप, दुःखरहित और परम शक्तिशाली भगवान सूर्य मुझे अपने साथ ब्रह्माजी की उस सभा में ले गए॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 2.11: ब्रह्माजीकी सभाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 11: ब्रह्माजीकी सभाका वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.11.10 
तत: स भगवान् सूर्यो मामुपादाय वीर्यवान्।
आगच्छत् तां सभां ब्राह्मीं विपाप्मा विगतक्लम:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् जब मेरी तपस्या पूर्ण हो गई, तब निष्पाप, दुःखरहित और परम शक्तिशाली भगवान सूर्य मुझे अपने साथ ब्रह्माजी की उस सभा में ले गए॥ 10॥
 
Thereafter, when my penance was complete, the sinless, painless and extremely powerful Lord Surya took me along to that assembly of Lord Brahma.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)