श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 10: कुबेरकी सभाका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.10.19 
सदा भगवती लक्ष्मीस्तत्रैव नलकूबर:।
अहं च बहुशस्तस्यां भवन्त्यन्ये च मद्विधा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
धन की अधिष्ठात्री भगवती लक्ष्मी, नलकूबर, मैं और मेरे जैसे कई अन्य लोग प्रायः उस सभा में जाते हैं ॥19॥
 
Bhagwati Lakshmi, the presiding deity of wealth, Nalkubar, I and several others like me often attend that gathering. ॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)