Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.1.5: मयासुर ने कहा - प्रभु ! पुरुषोत्तम ! आपने जो कहा है, वह आप जैसे महापुरुष के अनुकूल है; परंतु भरत ! मैं बड़े प्रेम से आपके लिए कुछ करना चाहता हूँ ॥5॥ | mahabharat अध्याय 2.1: भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञाके अनुसार मयासुरद्वारा सभाभवन बनानेकी तैयारी । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मयासुर ने कहा - प्रभु ! पुरुषोत्तम ! आपने जो कहा है, वह आप जैसे महापुरुष के अनुकूल है; परंतु भरत ! मैं बड़े प्रेम से आपके लिए कुछ करना चाहता हूँ ॥5॥
Mayasura said - Lord! Purushottam! What you have said is in accordance with a great man like you; but Bharat! I want to do something for you with great love. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥