श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 1: भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञाके अनुसार मयासुरद्वारा सभाभवन बनानेकी तैयारी  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.1.16 
तस्मै युधिष्ठिर: पूजां यथार्हमकरोत् तदा।
स तु तां प्रतिजग्राह मय: सत्कृत्य भारत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
भारत! उस समय राजा युधिष्ठिर ने मयासुर का यथोचित सत्कार किया और मयासुर ने भी बड़े आदर के साथ उनका आतिथ्य स्वीकार किया॥16॥
 
Bhaarat! At that time King Yudhishthira honoured Mayasura appropriately and Mayasura too accepted his hospitality with great respect.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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