Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.7.d6-d7: जो ब्राह्मण वर्षा ऋतु के चार महीनों में नियमित रूप से व्रत रखता है और पवित्र भारत का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य पवित्र है और सदैव प्रसिद्ध कुरुवंश का गुणगान करता है, उसका वंश बहुत बढ़ता है और वह संसार में सबसे अधिक पूजनीय हो जाता है। | mahabharat अध्याय 18.7: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो ब्राह्मण वर्षा ऋतु के चार महीनों में नियमित रूप से व्रत रखता है और पवित्र भारत का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य पवित्र है और सदैव प्रसिद्ध कुरुवंश का गुणगान करता है, उसका वंश बहुत बढ़ता है और वह संसार में सबसे अधिक पूजनीय हो जाता है।
A Brahmin who regularly observes fasts and recites the sacred Bharata during the four months of the rainy season is freed from all sins. A man who is pure and always sings the praises of the famous Kuru dynasty, his lineage expands greatly and he becomes the most revered in the world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥