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mahabharat 18.7.d45-d46: इस इतिहास को सुनकर राजा पृथ्वी पर विजय प्राप्त करता है और अपने शत्रुओं को परास्त करता है। उसे महान पुत्र और महान कल्याण की प्राप्ति होती है। रानियों और उनके राजकुमारों को इस इतिहास को बार-बार सुनना चाहिए। इससे वीर पुत्र या पुत्री का जन्म होता है।   |   mahabharat अध्याय 18.7:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 7:  »  श्लोक d45-d46
 
 
श्लोक  18.7.d45-d46 
महीं विजयते राजा शत्रूंश्चापि पराजयेत्।
इदं पुंसवनं श्रेष्ठमिदं स्वस्त्ययनं महत्॥
महिषीयुवराजाभ्यां श्रोतव्यं बहुशस्तथा।
वीरं जनयते पुत्रं कन्यां वा राज्यभागिनीम्॥
 
 
अनुवाद
इस इतिहास को सुनकर राजा पृथ्वी पर विजय प्राप्त करता है और अपने शत्रुओं को परास्त करता है। उसे महान पुत्र और महान कल्याण की प्राप्ति होती है। रानियों और उनके राजकुमारों को इस इतिहास को बार-बार सुनना चाहिए। इससे वीर पुत्र या पुत्री का जन्म होता है।
 
By listening to this history the king conquers the earth and defeats his enemies. He gets a great son and great welfare. Queens and their princes should listen to this history again and again. Due to this, a brave son is born or a daughter is born.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)