Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.7.d41-d42: धर्म की इच्छा रखने वाले मनुष्य को इस सम्पूर्ण इतिहास का श्रवण करना चाहिए, इससे सिद्धि प्राप्त होती है। जो मनुष्य श्रद्धा और सात्विक स्वभाव से इस अद्भुत इतिहास को सुनता है या किसी को सुनाता है, उसे राजसूय और अश्वमेधयज्ञ का फल प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 18.7: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्म की इच्छा रखने वाले मनुष्य को इस सम्पूर्ण इतिहास का श्रवण करना चाहिए, इससे सिद्धि प्राप्त होती है। जो मनुष्य श्रद्धा और सात्विक स्वभाव से इस अद्भुत इतिहास को सुनता है या किसी को सुनाता है, उसे राजसूय और अश्वमेधयज्ञ का फल प्राप्त होता है।
A person desirous of religion should listen to this entire history, this will help in attaining success. The person who listens or makes someone listen to this wonderful history with faith and virtuous nature, gets the fruits of Rajsuya and Ashwamedhyajna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥