Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.7.d29-d30: इस महाभारत में पवित्र देवताओं, राजाओं और पुण्यात्मा ब्रह्मऋषियों का वर्णन है; भगवान केशव के चरित्र का कीर्तन है, भगवान महादेव और देवी पार्वती का वर्णन है। तथा कार्तिकेय के जन्म का भी वर्णन है, जिनकी अनेक माताएँ थीं।   |   mahabharat अध्याय 18.7:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 7:  »  श्लोक d29-d30
 
 
श्लोक  18.7.d29-d30 
देवा राजर्षयो ह्यत्र पुण्या ब्रह्मर्षयस्तथा।
कीर्त्यन्ते धूतपाप्मान: कीर्त्यते केशवस्तथा॥
भगवांश्चापि देवेशो यत्र देवी च कीर्त्यते।
अनेकजननो यत्र कार्तिकेयस्य सम्भव:॥
 
 
अनुवाद
इस महाभारत में पवित्र देवताओं, राजाओं और पुण्यात्मा ब्रह्मऋषियों का वर्णन है; भगवान केशव के चरित्र का कीर्तन है, भगवान महादेव और देवी पार्वती का वर्णन है। तथा कार्तिकेय के जन्म का भी वर्णन है, जिनकी अनेक माताएँ थीं।
 
In this Mahabharata, there is a description of holy gods, kings and virtuous Brahmarishis; there is a kirtan of the characters of Lord Keshav, there is a description of Lord Mahadev and Goddess Parvati. And there is also a description of the birth of Kartikeya who had many mothers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)