Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.7.d26: यदि कोई व्यक्ति वेदों को जानने वाले विद्वान ब्राह्मण को सोने से मढ़ी सींग वाली सौ गायें दान करता है और दूसरा व्यक्ति महाभारत की कथा का निरंतर श्रवण करता है, तो दोनों को समान फल मिलता है। | mahabharat अध्याय 18.7: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो गोशतं कनकशृङ्गमयं ददाति
विप्राय वेदविदुषे सुबहुश्रुताय।
पुण्यां च भारतकथां सततं शृणोति
तुल्यं फलं भवति तस्य च तस्य चैव॥
अनुवाद
यदि कोई व्यक्ति वेदों को जानने वाले विद्वान ब्राह्मण को सोने से मढ़ी सींग वाली सौ गायें दान करता है और दूसरा व्यक्ति महाभारत की कथा का निरंतर श्रवण करता है, तो दोनों को समान फल मिलता है।
If one donates a hundred cows with gold plated horns to a learned Brahmin who knows the Vedas, and the other continuously listens to the story of Mahabharata, then both of them get equal results.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥