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mahabharat 18.7.d24-d25: मोक्ष की इच्छा रखने वाले, ब्राह्मण, राजा और गर्भवती स्त्रियों को 'जय' नामक यह इतिहास अवश्य सुनना चाहिए। इसके सुनने से स्वर्ग की इच्छा रखने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है, विजय की इच्छा रखने वाले को विजय प्राप्त होती है और गर्भवती स्त्री को बड़े सौभाग्य से पुत्र या पुत्री की प्राप्ति होती है।   |   mahabharat अध्याय 18.7:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 7:  »  श्लोक d24-d25
 
 
श्लोक  18.7.d24-d25 
जयो नामेतिहासोऽयं श्रोतव्यो मोक्षमिच्छता।
ब्राह्मणेन च राज्ञा च गर्भिण्या चैव योषिता॥
स्वर्गकामो लभेत् स्वर्गं जयकामो लभेज्जयम्।
गर्भिणी लभते पुत्रं कन्यां वा बहुभागिनीम्॥
 
 
अनुवाद
मोक्ष की इच्छा रखने वाले, ब्राह्मण, राजा और गर्भवती स्त्रियों को 'जय' नामक यह इतिहास अवश्य सुनना चाहिए। इसके सुनने से स्वर्ग की इच्छा रखने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है, विजय की इच्छा रखने वाले को विजय प्राप्त होती है और गर्भवती स्त्री को बड़े सौभाग्य से पुत्र या पुत्री की प्राप्ति होती है।
 
This history called 'Jai' must be heard by those who wish for salvation, Brahmins, kings and pregnant women. By listening to this, one who desires heaven gets heaven, one who desires victory gets victory and a pregnant woman gets a son or a daughter with great fortune.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)