Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.7.d12-d13: जो मनुष्य पुण्य के निमित्त पवित्र ब्राह्मणों को यह महान् एवं पवित्र इतिहास श्रवण कराता है, वह सनातन धर्म को प्राप्त करता है। जो मनुष्य महाभारत, पृथ्वी, गौ, सरस्वती, ब्राह्मण और भगवान केशव की कथाओं का कीर्तन करता है, वह कभी दुःखी नहीं होता। | mahabharat अध्याय 18.7: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य पुण्य के निमित्त पवित्र ब्राह्मणों को यह महान् एवं पवित्र इतिहास श्रवण कराता है, वह सनातन धर्म को प्राप्त करता है। जो मनुष्य महाभारत, पृथ्वी, गौ, सरस्वती, ब्राह्मण और भगवान केशव की कथाओं का कीर्तन करता है, वह कभी दुःखी नहीं होता।
The person who makes the holy Brahmins listen to this great and holy history for the sake of good deeds, attains Sanatan Dharma. A person who chants the stories of Mahabharata, the earth, cow, Saraswati, Brahmin and Lord Keshav never becomes sad.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥