Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.6.51-52: वक्ता को चूड़ियाँ, कुण्डल, जनेऊ, विचित्र वस्त्र और विशेषतः गंध अर्पित करके देवता के समान पूजन करना चाहिए। ऐसा करने वाला श्रोता भगवान विष्णु के लोक को जाता है। 51-52॥ | mahabharat अध्याय 18.6: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कटके कुण्डले चैव ब्रह्मसूत्रं तथा परम्॥ ५१॥
वस्त्रं चैव विचित्रं च गन्धं चैव विशेषत:।
देववत् पूजयेत् तं तु विष्णुलोकमवाप्नुयात्॥ ५२॥
अनुवाद
वक्ता को चूड़ियाँ, कुण्डल, जनेऊ, विचित्र वस्त्र और विशेषतः गंध अर्पित करके देवता के समान पूजन करना चाहिए। ऐसा करने वाला श्रोता भगवान विष्णु के लोक को जाता है। 51-52॥
The speaker should be worshiped like a god by offering bangles, earrings, sacred thread, strange clothes and especially fragrance. The listener who does this goes to the world of Lord Vishnu. 51-52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥