Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.6.37-40: भारतवर्ष में नौवें पारण के पूर्ण होने पर श्रोता को यज्ञों के राजा अश्वमेध का फल प्राप्त होता है। वह सुवर्ण के स्तम्भों और छज्जों से सुशोभित, वैदूर्य माणिक्य से निर्मित वेदियों से सुशोभित, सब ओर से बैंगनी रंग की दिव्य वायु से सुशोभित, स्वर्ग के गन्धर्वों और अप्सराओं से सेवित दिव्य विमान पर आरूढ़, अपने उत्तम तेज से प्रकाशित होकर अन्य देवताओं के समान स्वर्ग में सुख भोगता है। दिव्य मालाएँ और दिव्य वस्त्र उसके शरीर को सुशोभित करते हैं और वह दिव्य चन्दन से सुशोभित है। 37-40॥ | mahabharat अध्याय 18.6: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारतवर्ष में नौवें पारण के पूर्ण होने पर श्रोता को यज्ञों के राजा अश्वमेध का फल प्राप्त होता है। वह सुवर्ण के स्तम्भों और छज्जों से सुशोभित, वैदूर्य माणिक्य से निर्मित वेदियों से सुशोभित, सब ओर से बैंगनी रंग की दिव्य वायु से सुशोभित, स्वर्ग के गन्धर्वों और अप्सराओं से सेवित दिव्य विमान पर आरूढ़, अपने उत्तम तेज से प्रकाशित होकर अन्य देवताओं के समान स्वर्ग में सुख भोगता है। दिव्य मालाएँ और दिव्य वस्त्र उसके शरीर को सुशोभित करते हैं और वह दिव्य चन्दन से सुशोभित है। 37-40॥
India On completion of the ninth Parana, the listener gets the result of Ashwamedha, the king of yagyas. Adorned with pillars and balconies of gold, adorned with altars made of Vaidurya Ruby, decorated with purple-coloured divine airs on all sides, mounted on a divine plane served by heavenly Gandharvas and Apsaras, illuminated with his excellent splendor, he enjoys bliss in heaven like any other deity. Divine garlands and divine clothes adorn his body and he is adorned with divine sandalwood. 37-40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥