Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.6.27: जो मनुष्य दूसरा पारणा पूर्ण करता है, उसे अतिरात्र यज्ञ का फल प्राप्त होता है। वह सेवक के रंगों से सुशोभित दिव्य विमान पर विराजमान होता है। 27॥   |   mahabharat अध्याय 18.6:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 6:  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  18.6.27 
द्वितीयं पारणं प्राप्य सोऽतिरात्रफलं लभेत्।
सर्वरत्नमयं दिव्यं विमानमधिरोहति॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य दूसरा पारणा पूर्ण करता है, उसे अतिरात्र यज्ञ का फल प्राप्त होता है। वह सेवक के रंगों से सुशोभित दिव्य विमान पर विराजमान होता है। 27॥
 
The person who completes the second Parana gets the fruits of Atiratra Yagya. He is seated on a divine plane decorated with the colors of a server. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)