Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.6.103: जो मनुष्य महाभारत को सदैव सुनता या सुनाता है, वह सब पापों से मुक्त होकर भगवान विष्णु के धाम को जाता है ॥103॥   |   mahabharat अध्याय 18.6:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 6:  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  18.6.103 
शृणोति श्रावयेद् वापि सततं चैव यो नर:।
सर्वपापविनिर्मुक्तो वैष्णवं पदमाप्नुयात्॥ १०३॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य महाभारत को सदैव सुनता या सुनाता है, वह सब पापों से मुक्त होकर भगवान विष्णु के धाम को जाता है ॥103॥
 
The person who always listens to or narrates the Mahabharata becomes free from all sins and goes to the abode of Lord Vishnu. ॥103॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)