Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.5.56: महाभारत-संहिता सर्वप्रथम देवर्षि नारदजी ने देवताओं को, असितदेवल ने पितरों को, शुकदेवजी ने यक्षों और राक्षसों को तथा वैशम्पायनजी ने मनुष्यों को सुनाई थी ॥56॥ | mahabharat अध्याय 18.5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाभारत-संहिता सर्वप्रथम देवर्षि नारदजी ने देवताओं को, असितदेवल ने पितरों को, शुकदेवजी ने यक्षों और राक्षसों को तथा वैशम्पायनजी ने मनुष्यों को सुनाई थी ॥56॥
The Mahabharata-Samhita was first narrated to the gods by Devarshi Narada, to the ancestors by Asit Deval, to the Yakshas and demons by Shukdevji and to the humans by Vaishampayanji. 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥