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mahabharat 18.5.48: ऋषि भगवान श्रीकृष्ण द्वैपायन ने संपूर्ण महाभारत तीन वर्षों में पूरा किया।   |   mahabharat अध्याय 18.5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.5.48 
त्रिभिर्वर्षैरिदं पूर्णं कृष्णद्वैपायन: प्रभु:।
अखिलं भारतं चेदं चकार भगवान‍् मुनि:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
ऋषि भगवान श्रीकृष्ण द्वैपायन ने संपूर्ण महाभारत तीन वर्षों में पूरा किया।
 
The sage Lord Sri Krishna Dwaipayana completed the entire Mahabharata in three years. 48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)