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mahabharat 18.5.30: हे पराक्रमी भरतपुत्र! यह सम्पूर्ण प्रकरण - कौरवों और पाण्डवों का सम्पूर्ण चरित्र - तुम्हें विस्तारपूर्वक सुनाया गया है॥30॥   |   mahabharat अध्याय 18.5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.5.30 
एतत् ते सर्वमाख्यातं विस्तरेण महाद्युते।
कुरूणां चरितं कृत्स्नं पाण्डवानां च भारत॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी भरतपुत्र! यह सम्पूर्ण प्रकरण - कौरवों और पाण्डवों का सम्पूर्ण चरित्र - तुम्हें विस्तारपूर्वक सुनाया गया है॥30॥
 
O mighty Bharata's son! This entire episode - the complete character of the Kauravas and the Pandavas has been narrated to you in detail. ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)