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mahabharat 18.5.28: राजन! दुर्योधन के जो सहायक थे, वे सब राक्षस कहे गए हैं। उन्होंने एक-एक करके सभी उत्तम लोकों को प्राप्त किया॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 18.5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.5.28 
दुर्योधनसहायाश्च राक्षसा: परिकीर्तिता:।
प्राप्तास्ते क्रमशो राजन् सर्वलोकाननुत्तमान्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
राजन! दुर्योधन के जो सहायक थे, वे सब राक्षस कहे गए हैं। उन्होंने एक-एक करके सभी उत्तम लोकों को प्राप्त किया॥ 28॥
 
King! All those who were Duryodhan's helpers are said to be demons. They attained all the best worlds one by one.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)