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श्लोक  18.5.25 
षोडश स्त्रीसहस्राणि वासुदेवपरिग्रह:।
अमज्जंस्ता: सरस्वत्यां कालेन जनमेजय॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे जनमेजय! भगवान श्रीकृष्ण की सोलह हजार पत्नियाँ अवसर का लाभ उठाकर सरस्वती नदी में कूद गईं और अपने प्राण त्याग दिए।
 
O Janamejaya! The sixteen thousand wives of Lord Krishna, taking advantage of the opportunity, jumped into the Saraswati river and sacrificed their lives.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)