Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.5.24: जो नारायण नाम से प्रसिद्ध हैं, वे सनातन देवाधिदेव हैं, उनके अंश वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण थे, जो अवतार का कार्य पूरा करके पुनः अपने स्वरूप में प्रविष्ट हो गए।   |   mahabharat अध्याय 18.5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  18.5.24 
य: स नारायणो नाम देवदेव: सनातन:।
तस्यांशो वासुदेवस्तु कर्मणोऽन्ते विवेश ह॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जो नारायण नाम से प्रसिद्ध हैं, वे सनातन देवाधिदेव हैं, उनके अंश वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण थे, जो अवतार का कार्य पूरा करके पुनः अपने स्वरूप में प्रविष्ट हो गए।
 
He who is famous by the name of Narayan is the eternal Devadhidev, his part was Vasudevanandan Shri Krishna, who after completing the work of incarnation, again entered his form.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)