श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 5: भीष्म आदि वीरोंका अपने-अपने मूलस्वरूपमें मिलना और महाभारतका उपसंहार तथा माहात्म्य  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  18.5.13 
कृतवर्मा तु हार्दिक्य: प्रविवेश मरुद्‍गणान्।
सनत्कुमारं प्रद्युम्न: प्रविवेश यथागतम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हृदिकापुत्र कृतवर्मा मरुभूमिवासियों में सम्मिलित हो गया। प्रद्युम्न जिस प्रकार आया था, उसी प्रकार सनत्कुमार के रूप में उसमें प्रविष्ट हो गया ॥13॥
 
Hridika's son Kritavarma joined the desert people. Pradyumna entered the form of Sanatkumar in the same way as he had come. 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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