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mahabharat 18.4.21: 'देखो, शान्तनु नन्दन राजा भीष्म, वे वसुओं के साथ बैठे हैं। द्रोणाचार्य बृहस्पति के साथ हैं। अपने गुरुदेव को अच्छी तरह देखो।॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 18.4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  18.4.21 
वसुभि: सहितं पश्य भीष्मं शान्तनवं नृपम्।
द्रोणं बृहस्पते: पार्श्वे गुरुमेनं निशामय॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'देखो, शान्तनु नन्दन राजा भीष्म, वे वसुओं के साथ बैठे हैं। द्रोणाचार्य बृहस्पति के साथ हैं। अपने गुरुदेव को अच्छी तरह देखो।॥ 21॥
 
‘See Shantanu Nandan King Bhishma, he is seated with the Vasus. Dronacharya is with Brihaspati. Take a good look at your Gurudev.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)