Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.4.12: युधिष्ठिर! इस लोकप्रिय मूर्ति में जो पवित्र सुगंध वाली देवी दिखाई दे रही हैं, वे वास्तव में भगवती लक्ष्मी हैं। आपके लिए ही वे मानव लोक में आईं और अयोनिसंभूत द्रौपदी के रूप में अवतरित हुईं।   |   mahabharat अध्याय 18.4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  18.4.12 
श्रीरेषा द्रौपदीरूपा त्वदर्थे मानुषं गता।
अयोनिजा लोककान्ता पुण्यगन्धा युधिष्ठिर॥ १२॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! इस लोकप्रिय मूर्ति में जो पवित्र सुगंध वाली देवी दिखाई दे रही हैं, वे वास्तव में भगवती लक्ष्मी हैं। आपके लिए ही वे मानव लोक में आईं और अयोनिसंभूत द्रौपदी के रूप में अवतरित हुईं।
 
Yudhisthira! The goddess with the sacred fragrance that is visible with the popular idol is actually Bhagwati Lakshmi. It was for you that she went to the human world and incarnated in the form of Ayonisambhuta Draupadi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)