न सव्यसाची भीमो वा यमौ वा पुरुषर्षभौ।
कर्णो वा सत्यवाक् शूरो नरकार्हाश्चिरं नृप॥ ३८॥
अनुवाद
नरेश्वर! धर्मात्मा अर्जुन, भीमसेन, पुरुषार्थी नकुल-सहदेव अथवा सत्यनिष्ठ वीर कर्ण - इनमें से कोई भी सदा नरक में रहने के योग्य नहीं है।
Nareshwar! The faithful Arjuna, Bhimsen, the manly man Nakul-Sahadeva or the truthful brave Karna - none of them are worthy of staying in hell forever.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)