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mahabharat 18.3.29: मंदाकिनी के पवित्र जल में स्नान करने से तुम्हारा मनुष्यत्व नष्ट हो जाएगा। तुम शोक, संताप और द्वेष से मुक्त हो जाओगे।॥29॥   |   mahabharat अध्याय 18.3: इन्द्र और धर्मका युधिष्ठिरको सान्त्वना देना तथा युधिष्ठिरका शरीर त्यागकर दिव्य लोकको जाना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.3.29 
अत्र स्नातस्य भावस्ते मानुषो विगमिष्यति।
गतशोको निरायासो मुक्तवैरो भविष्यसि॥ २९॥
 
 
अनुवाद
मंदाकिनी के पवित्र जल में स्नान करने से तुम्हारा मनुष्यत्व नष्ट हो जाएगा। तुम शोक, संताप और द्वेष से मुक्त हो जाओगे।॥29॥
 
‘After taking a bath in the holy waters of the Mandakini, your human nature will vanish. You will be free from grief, anguish and hatred.'॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)