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mahabharat 18.3.27: जहाँ राजा मान्धाता, राजा भगीरथ और दुष्यंत पुत्र भरत गए हैं, तुम भी उन्हीं लोकों में विचरण करोगे।   |   mahabharat अध्याय 18.3: इन्द्र और धर्मका युधिष्ठिरको सान्त्वना देना तथा युधिष्ठिरका शरीर त्यागकर दिव्य लोकको जाना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.3.27 
मान्धाता यत्र राजर्षिर्यत्र राजा भगीरथ:।
दौष्यन्तिर्यत्र भरतस्तत्र त्वं विहरिष्यसि॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जहाँ राजा मान्धाता, राजा भगीरथ और दुष्यंत पुत्र भरत गए हैं, तुम भी उन्हीं लोकों में विचरण करोगे।
 
Where King Mandhata, King Bhagiratha and Dushyant's son Bharat have gone, you will also wander in the same worlds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)