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mahabharat 18.3.26: कुन्तीनन्दन युधिष्ठिर! आपने जो भी लोक प्राप्त किए हैं, वे राजा हरिश्चंद्र के लोकों के समान समस्त राजाओं के लोकों से भी ऊपर हैं; जिनमें आप विचरण करेंगे॥26॥   |   mahabharat अध्याय 18.3: इन्द्र और धर्मका युधिष्ठिरको सान्त्वना देना तथा युधिष्ठिरका शरीर त्यागकर दिव्य लोकको जाना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  18.3.26 
उपर्युपरि राज्ञां हि तव लोका युधिष्ठिर।
हरिश्चन्द्रसमा: पार्थ येषु त्वं विहरिष्यसि॥ २६॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीनन्दन युधिष्ठिर! आपने जो भी लोक प्राप्त किए हैं, वे राजा हरिश्चंद्र के लोकों के समान समस्त राजाओं के लोकों से भी ऊपर हैं; जिनमें आप विचरण करेंगे॥26॥
 
Kuntinandan Yudhishthir! All the worlds you have attained are above the worlds of all kings like the worlds of King Harishchandra; In which you will roam. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)