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mahabharat 18.3.14: परन्तु जो पहले नरक भोगता है, वह बाद में स्वर्ग में जाता है। जिसने अधिक पाप संचित किए हैं, वह पहले स्वर्ग भोगता है॥14॥   |   mahabharat अध्याय 18.3: इन्द्र और धर्मका युधिष्ठिरको सान्त्वना देना तथा युधिष्ठिरका शरीर त्यागकर दिव्य लोकको जाना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 3: इन्द्र और धर्मका युधिष्ठिरको सान्त्वना देना तथा युधिष्ठिरका शरीर त्यागकर दिव्य लोकको जाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  18.3.14 
पूर्वं नरकभाग् यस्तु पश्चात् स्वर्गमुपैति स:।
भूयिष्ठं पापकर्मा य: स पूर्वं स्वर्गमश्नुते॥ १४॥
 
 
अनुवाद
परन्तु जो पहले नरक भोगता है, वह बाद में स्वर्ग में जाता है। जिसने अधिक पाप संचित किए हैं, वह पहले स्वर्ग भोगता है॥14॥
 
‘But the one who first experiences hell goes to heaven later. The one who has accumulated more sins experiences heaven first.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)