Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.2.17: वहाँ घोर अँधेरा था। रास्ता बालों, खरपतवार और घास से भरा था। वह केवल पापियों के लिए उपयुक्त था। वहाँ दुर्गंध फैल रही थी। वहाँ मांस और रक्त की कीचड़ चिपकी हुई थी। 17. | mahabharat अध्याय 18.2: देवदूतका युधिष्ठिरको नरकका दर्शन कराना तथा भाइयोंका करुण-क्रन्दन सुनकर उनका वहीं रहनेका निश्चय करना । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ घोर अँधेरा था। रास्ता बालों, खरपतवार और घास से भरा था। वह केवल पापियों के लिए उपयुक्त था। वहाँ दुर्गंध फैल रही थी। वहाँ मांस और रक्त की कीचड़ चिपकी हुई थी। 17.
There was complete darkness there. The path was filled with hair, weeds and grass. It was fit only for sinners. A foul smell was spreading there. Mud of flesh and blood was stuck there. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥