vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व
»
अध्याय 1: स्वर्गमें नारद और युधिष्ठिरकी बातचीत
»
श्लोक 19
श्लोक
18.1.19
नारदेनैवमुक्तस्तु कुरुराजो युधिष्ठिर:।
भ्रातॄन् पप्रच्छ मेधावी वाक्यमेतदुवाच ह॥ १९॥
अनुवाद
नारदजी की यह बात सुनकर बुद्धिमान कुरुराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों का पता पूछा और यह कहा -॥19॥
Upon hearing Narada say this, the wise Kuru king Yudhishthira asked about the whereabouts of his brothers and said this -॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×