Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 17.3.33: महाराज! आपको अपने पुण्य कर्मों से प्राप्त इस स्वर्ग में निवास करना चाहिए। फिर भी आप मनुष्य जगत के मोह-पाश में क्यों घसीटे जा रहे हैं?॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 17.3: युधिष्ठिरका इन्द्र और धर्म आदिके साथ वार्तालाप, युधिष्ठिरका अपने धर्ममें दृढ़ रहना तथा सदेह स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! आपको अपने पुण्य कर्मों से प्राप्त इस स्वर्ग में निवास करना चाहिए। फिर भी आप मनुष्य जगत के मोह-पाश में क्यों घसीटे जा रहे हैं?॥ 33॥
‘Maharaj! You should reside in this heaven that you have attained by your good deeds. Why are you still being dragged by the bonds of affection of the human world?॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥