Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 17.2.6: युधिष्ठिर बोले, 'महान्! इसके हृदय में अर्जुन के प्रति विशेष पक्षपात था, आज यह उसी का फल भोग रही है।   |   mahabharat अध्याय 17.2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व  »  अध्याय 2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  17.2.6 
युधिष्ठिर उवाच
पक्षपातो महानस्या विशेषेण धनंजये।
तस्यैतत् फलमद्यैषा भुङ्‍क्ते पुरुषसत्तम॥ ६॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, 'महान्! इसके हृदय में अर्जुन के प्रति विशेष पक्षपात था, आज यह उसी का फल भोग रही है।
 
Yudhishthira said, 'O great man! She had special partiality towards Arjuna in her heart; today she is reaping the consequences of that.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)