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mahabharat 17.2.5: परंतप! राजकुमारी द्रौपदी ने कभी कोई पाप नहीं किया था। फिर बताओ, वह किस कारण से गिरी?॥5॥   |   mahabharat अध्याय 17.2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व  »  अध्याय 2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  17.2.5 
नाधर्मश्चरित: कश्चिद् राजपुत्र्या परंतप।
कारणं किं नु तद् ब्रूहि यत् कृष्णा पतिता भुवि॥ ५॥
 
 
अनुवाद
परंतप! राजकुमारी द्रौपदी ने कभी कोई पाप नहीं किया था। फिर बताओ, वह किस कारण से गिरी?॥5॥
 
Parantapa! Princess Draupadi had never committed any sin. Then tell me, what is the reason due to which she fell down?'॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)