Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 17.2.20: भैया! मुझे तो स्मरण नहीं आता कि महात्मा अर्जुन ने कभी हँसी-मजाक में भी झूठ बोला हो। फिर उनके कर्म का वह कौन सा फल है जिसके कारण उन्हें पृथ्वी पर गिरना पड़ा?॥20॥ | mahabharat अध्याय 17.2: मार्गमें द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीमसेनका गिरना तथा युधिष्ठिरद्वारा प्रत्येकके गिरनेका कारण बताया जाना । mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भैया! मुझे तो स्मरण नहीं आता कि महात्मा अर्जुन ने कभी हँसी-मजाक में भी झूठ बोला हो। फिर उनके कर्म का वह कौन सा फल है जिसके कारण उन्हें पृथ्वी पर गिरना पड़ा?॥20॥
Brother! I don't remember Mahatma Arjun ever telling a lie, even in jest. Then what is the result of his karma due to which he had to fall on the earth?'॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥