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mahabharat 17.1.36: तब सात ज्वालाओं से विभूषित अग्निदेव ने पाण्डवों से कहा, 'वीर पाण्डुपुत्रों! मुझे अग्नि समझो।   |   mahabharat अध्याय 17.1: वृष्णिवंशियोंका श्राद्ध करके प्रजाजनोंकी अनुमति ले द्रौपदीसहित पाण्डवोंका महाप्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  17.1.36 
ततो देव: स सप्तार्चि: पाण्डवानिदमब्रवीत्।
भो भो: पाण्डुसुता वीरा: पावकं मां निबोधत॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तब सात ज्वालाओं से विभूषित अग्निदेव ने पाण्डवों से कहा, 'वीर पाण्डुपुत्रों! मुझे अग्नि समझो।
 
Then the Agni Deva, adorned with seven tongues of flame, said to the Pandavas, 'Valiant sons of Pandu! Consider me as Agni.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)