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mahabharat 17.1.31: युधिष्ठिर उनके आगे-आगे चल रहे थे। भीमसेन उनके पीछे थे। अर्जुन भीमसेन के पीछे थे और नकुल और सहदेव क्रमशः उनके पीछे चल रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 17.1: वृष्णिवंशियोंका श्राद्ध करके प्रजाजनोंकी अनुमति ले द्रौपदीसहित पाण्डवोंका महाप्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  17.1.31 
युधिष्ठिरो ययावग्रे भीमस्तु तदनन्तरम्।
अर्जुनस्तस्य चान्वेव यमौ चापि यथाक्रमम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर उनके आगे-आगे चल रहे थे। भीमसेन उनके पीछे थे। अर्जुन भीमसेन के पीछे थे और नकुल और सहदेव क्रमशः उनके पीछे चल रहे थे।
 
Yudhishthira walked ahead of them. Bhimsena was behind him. Arjuna was behind Bhimsena and Nakul and Sahadeva were walking behind them respectively.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)