Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 17.1.22-23: जिस प्रकार प्रथम द्यूतक्रीड़ा में पराजित होकर पाण्डव वन में चले गए थे, उसी प्रकार उस दिन श्रेष्ठ पाण्डवों को द्रौपदी सहित जाते देख नगर की सभी स्त्रियाँ विलाप करने लगीं। किन्तु सभी भाई इस यात्रा से बहुत प्रसन्न थे। | mahabharat अध्याय 17.1: वृष्णिवंशियोंका श्राद्ध करके प्रजाजनोंकी अनुमति ले द्रौपदीसहित पाण्डवोंका महाप्रस्थान । mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार प्रथम द्यूतक्रीड़ा में पराजित होकर पाण्डव वन में चले गए थे, उसी प्रकार उस दिन श्रेष्ठ पाण्डवों को द्रौपदी सहित जाते देख नगर की सभी स्त्रियाँ विलाप करने लगीं। किन्तु सभी भाई इस यात्रा से बहुत प्रसन्न थे।
Just as the Pandavas had gone to the forest after being defeated in the first game of dice, similarly on seeing the best of the Pandavas along with Draupad going that day, all the women of the city started crying. But all the brothers were very happy with this journey.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥