Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 17.1.2: वैशम्पायनजी बोले - राजन् ! जब कुरुराज युधिष्ठिर ने वृष्णिवंश के महान नरसंहार का समाचार सुना, तब उन्होंने महालोक में जाने का निश्चय किया और अर्जुन से कहा - 2॥   |   mahabharat अध्याय 17.1: वृष्णिवंशियोंका श्राद्ध करके प्रजाजनोंकी अनुमति ले द्रौपदीसहित पाण्डवोंका महाप्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 17: महाप्रस्थानिक पर्व  »  अध्याय 1: वृष्णिवंशियोंका श्राद्ध करके प्रजाजनोंकी अनुमति ले द्रौपदीसहित पाण्डवोंका महाप्रस्थान  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  17.1.2 
वैशम्पायन उवाच
श्रुत्वैवं कौरवो राजा वृष्णीनां कदनं महत्।
प्रस्थाने मतिमाधाय वाक्यमर्जुनमब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी बोले - राजन् ! जब कुरुराज युधिष्ठिर ने वृष्णिवंश के महान नरसंहार का समाचार सुना, तब उन्होंने महालोक में जाने का निश्चय किया और अर्जुन से कहा - 2॥
 
Vaishampayanji said – King! When Kuru king Yudhishthir heard the news of the great massacre of the Vrishni dynasty, he decided to leave for the great world and said to Arjuna - 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)