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mahabharat 16.7.74: राजन! श्री कृष्णप्रिया सत्यभामा आदि देवियाँ तपस्या करने का निश्चय करके वन में चली गईं॥74॥   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  16.7.74 
सत्यभामा तथैवान्या देव्य: कृष्णस्य सम्मता:।
वनं प्रविविशू राजंस्तापस्ये कृतनिश्चया:॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
राजन! श्री कृष्णप्रिया सत्यभामा आदि देवियाँ तपस्या करने का निश्चय करके वन में चली गईं॥74॥
 
Rajan! Shri Krishnapriya Satyabhama and other goddesses decided to do penance and went into the forest. 74॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)