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mahabharat 16.7.73: देवी रुक्मिणी, गांधारी, शैव्या, हैमवती और जाम्बवती ने अपने पतियों को पाने के लिए अग्नि में प्रवेश किया।   |   mahabharat अध्याय 16.7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना   ।   mahabharat पर्व 16: मौसल पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 16: मौसल पर्व  »  अध्याय 7: वसुदेवजी तथा मौसलयुद्धमें मरे हुए यादवोंका अन्त्येष्टि संस्कार करके अर्जुनका द्वारकावासी स्त्री-पुरुषोंको अपने साथ ले जाना, समुद्रका द्वारकाको डुबो देना और मार्गमें अर्जुनपर डाकुओंका आक्रमण, अवशिष्ट यादवोंको अपनी राजधानीमें बसा देना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  16.7.73 
रुक्मिणी त्वथ गान्धारी शैव्या हैमवतीत्यपि।
देवी जाम्बवती चैव विविशुर्जातवेदसम्॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
देवी रुक्मिणी, गांधारी, शैव्या, हैमवती और जाम्बवती ने अपने पतियों को पाने के लिए अग्नि में प्रवेश किया।
 
Goddesses Rukmini, Gandhari, Shaivya, Haimvati and Jambavati entered the fire to attain their husbands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)